महेश कुमार चूत फाड़

शायरा मेरा प्यार- 21

हमारे जिस्म जल रहे थे. कुछ देर हम एक दूसरे के बदन की गर्मी को फील करते रहे, फिर शायरा के रक्तिम होंठों से मेरे होंठ मिले तो हमारे हमारे जिस्म की प्यास भी बढ़ गयी.

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शायरा मेरा प्यार- 19

शायरा को अपने नंगेपन का अहसास हुआ तो वो तुरन्त उठकर बैठ गयी. उसने हाथ पैरों से अपना नंगा बदन छुपाया और अपने कपड़ों को ढूँढने लगी जो इधर उधर बिखरे पड़े थे.

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शायरा मेरा प्यार- 18

उसकी चुत चाटते चाटते मैं खुद‌ ही होश खोने लगा. जैसे जैसे मेरी जीभ शायरा की चुत पर चल रही थी … वैसे वैसे मेरी उसकी चुत के प्रति दीवानगी‌ बढ़ती जा रही थी.

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शायरा मेरा प्यार- 17

शायरा मेरे सामने सिर्फ़ गुलाबी पैंटी में थी. जो आगे से पूरी भीगी हुई थी. भीगी पैंटी देख उसकी चुत की महक लेने को अपने आप ही मेरा सिर उसकी जांघों के बीच झुक गया.

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शायरा मेरा प्यार- 14

मैंने पहले अपनी जीभ निकाल कर उसके रसीले होंठों को चाटकर देखा, फिर धीरे से उसके नीचे के एक होंठ को अपने मुँह में भर कर हल्का हल्का चूसना शुरू कर दिया.

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शायरा मेरा प्यार- 7

जिस चम्मच को शायरा के होंठों और जीभ ने छुआ था, उसको मुँह में लेने से एक बार तो ऐसा लगा जैसे मेरे होंठों ने शायरा के नर्म होंठों और उसकी जीभ को ही छूआ हो.

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